कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) अपने करोड़ों सब्सक्राइबर्स के लिए एक बड़ा डिजिटल बदलाव करने जा रहा है। ‘EPFO 3.0’ प्रोजेक्ट के तहत, अब पीएफ से एडवांस विड्रॉल (आंशिक निकासी) के लिए हफ्तों का इंतजार नहीं करना होगा। विभाग ने एक ऐसी प्रणाली का सफल परीक्षण कर लिया है, जिसके जरिए खाताधारक अपने पसंदीदा UPI ऐप्स (जैसे Google Pay, PhonePe, Paytm) या विशेष EPFO ATM कार्ड का उपयोग करके कुछ ही सेकंड में कैश निकाल सकेंगे।
यूपीआई और एटीएम सुविधा की मुख्य बातें
- तत्काल भुगतान: पारंपरिक तौर पर पीएफ क्लेम सेटल होने में 7 से 15 दिन का समय लगता था, लेकिन नई तकनीक से यह काम रियल-टाइम में हो जाएगा।
- विशेष एटीएम कार्ड: पात्र पीएफ खाताधारकों को उनके यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से लिंक्ड एक विशेष एटीएम कार्ड दिया जाएगा, जिससे सीधे कैश निकाला जा सकेगा।
- नियोक्ता की मंजूरी से मुक्ति: यदि आपका डिजिटल केवाईसी (KYC) पूरी तरह अपडेट है, तो इस निकासी के लिए आपको अपने एंप्लॉयर (कंपनी) से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी।
- ऑटो-सेटलमेंट की सीमा बढ़ी: बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के ऑटोमैटिक क्लेम प्रोसेसिंग की सीमा को ₹1 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख कर दिया गया है।
निकासी के नए नियम और सीमाएं: इस इंस्टैंट सेवा के तहत खाताधारक अपने कुल पीएफ फंड का एक निश्चित हिस्सा ही निकाल सकेंगे:
- अधिकतम निकासी: बीमारी, शादी या बच्चों की पढ़ाई जैसे जरूरी कामों के लिए कुल जमा राशि का 50% से 75% तक एडवांस निकाला जा सकता है।
- अनिवार्य फंड: भविष्य की सामाजिक सुरक्षा और रिटायरमेंट को ध्यान में रखते हुए खाते में 25% राशि हमेशा सुरक्षित रखनी होगी।
- पूर्ण निकासी: नौकरी छोड़ने या रिटायरमेंट पर 100% फंड निकालने के लिए पुरानी ऑनलाइन फॉर्म प्रक्रिया का ही पालन करना होगा।
सेवा का लाभ उठाने के लिए क्या करें: यदि आप भी इस हाई-टेक सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं, तो ईपीएफओ मेंबर पोर्टल पर जाकर इन 4 चीज़ों को तुरंत पूरा कर लें:
- आधार लिंकिंग: आपका यूएएन (UAN) अनिवार्य रूप से आधार कार्ड से लिंक होना चाहिए।
- चेहरा प्रमाणीकरण (Face Auth): सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए ईपीएफओ उमंग (UMANG) ऐप के जरिए फेस ऑथेंटिकेशन लागू कर रहा है।
- केवाईसी (KYC) सुधार: आपके पैन कार्ड, आधार, बैंक खाते और पीएफ प्रोफाइल में आपका नाम और जन्मतिथि बिल्कुल एक समान होनी चाहिए।
- समान बैंक खाता: आपका यूपीआई (UPI) आईडी उसी बैंक खाते से जुड़ा होना चाहिए जो आपके पीएफ अकाउंट में रजिस्टर्ड है।
